ड्यूटी पर नहीं पहुंचे तो कर्मचारियों को हुई चिंता
केरल के पालक्काड निवासी डॉ. एल्विन ने तमिलनाडु के कोयंबटूर से एमबीबीएस की पढ़ाई की थी। करीब एक वर्ष पहले उनकी नियुक्ति कोरबा स्थित ईएसआईसी अस्पताल में हुई थी। वह अस्पताल परिसर के आवासीय क्षेत्र में अकेले रहते थे।शनिवार सुबह 9 बजे उनकी ड्यूटी थी, लेकिन वह अस्पताल नहीं पहुंचे। कर्मचारियों ने उनके मोबाइल पर कई बार संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।शाम करीब 4 बजे तक संपर्क नहीं होने पर कुछ कर्मचारी उनके आवास पर पहुंचे। दरवाजा अंदर से बंद था। इसके बाद खिड़की का कांच तोड़कर भीतर प्रवेश किया गया, जहां बाथरूम में डॉ. एल्विन का शव मिला।
पुलिस ने मौके से जुटाए साक्ष्य
सूचना मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि बाथरूम में कपड़े टांगने के लिए लगे दो हैंगर के बीच रस्सी बांधी गई थी।पुलिस घटनास्थल की परिस्थितियों और वहां मिले अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है, ताकि मौत से जुड़े सभी पहलुओं की पुष्टि की जा सके।
हाथ पर चोट के निशान मिलने से जांच का दायरा बढ़ा
पुलिस को डॉक्टर के हाथ पर चोट के निशान भी मिले हैं। प्रारंभिक तौर पर आशंका जताई जा रही है कि उन्होंने पहले ब्लेड से खुद को घायल किया और बाद में फंदा लगाया। हालांकि इस संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगा।पुलिस ने घटनास्थल से जुड़े सभी साक्ष्यों को जांच में शामिल किया है और मौत से पहले की परिस्थितियों को समझने का प्रयास किया जा रहा है।
स्वजन कोयंबटूर और पालक्काड से कोरबा पहुंचे
डॉ. एल्विन की मौत की सूचना मिलने के बाद उनके स्वजन कोयंबटूर और केरल के पालक्काड से कोरबा पहुंचे। पुलिस ने परिवार के सदस्यों और अस्पताल के कर्मचारियों से भी जानकारी ली है।प्रारंभिक जांच में प्रेम संबंध टूटने को आत्महत्या की संभावित वजह माना जा रहा है। हालांकि पुलिस अभी किसी एक कारण को अंतिम नहीं मान रही है। मामले की विस्तृत जांच के बाद ही मौत की पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी।