अचानक बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में नहीं बच सकी जान
बताया जा रहा है कि सुदिव्य कुमार सोनू रात के समय अपने घर पर थे। इसी दौरान उन्हें अचानक बेचैनी और स्वास्थ्य संबंधी परेशानी महसूस हुई। परिवार के सदस्य तत्काल उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे। चिकित्सकों ने इलाज शुरू किया, लेकिन उनकी स्थिति लगातार गंभीर होती चली गई। तमाम प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।
लगातार दूसरी बार विधायक बने थे सुदिव्य कुमार सोनू
सुदिव्य कुमार सोनू झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रमुख नेताओं में गिने जाते थे। उन्होंने 2019 में पहली बार गिरिडीह विधानसभा सीट से जीत दर्ज कर विधानसभा में प्रवेश किया था। वर्ष 2024 के चुनाव में भी उन्होंने अपनी सीट बरकरार रखी। इसके बाद हेमंत सोरेन सरकार में उन्हें मंत्री बनाया गया।
कई अहम विभागों की संभाल रहे थे जिम्मेदारी
सरकार में सुदिव्य कुमार सोनू के पास उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, शहरी विकास और आवास जैसे महत्वपूर्ण विभाग थे। इसके साथ ही पर्यटन, कला एवं संस्कृति, खेल तथा युवा मामलों से जुड़े विभागों की जिम्मेदारी भी उनके पास थी। सरकार के साथ-साथ पार्टी संगठन में भी उनकी सक्रिय भूमिका रही।
JMM में शोक की लहर, नेताओं ने बताया बड़ी क्षति
उनके अचानक निधन की खबर सामने आने के बाद झारखंड मुक्ति मोर्चा में शोक की लहर है। पार्टी नेताओं ने सुदिव्य कुमार सोनू के निधन को संगठन और सरकार के लिए बड़ी क्षति बताया। परिवहन मंत्री दीपक बिरुआ सहित कई नेताओं ने शोक व्यक्त करते हुए दिवंगत नेता के परिवार के प्रति संवेदना जताई।
हेमंत सोरेन ने कहा, भाई जैसा था साथ
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सुदिव्य कुमार सोनू के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस खबर को स्वीकार करना उनके लिए बेहद कठिन है। मुख्यमंत्री ने उन्हें केवल वरिष्ठ राजनीतिक साथी नहीं, बल्कि बड़े भाई के समान बताया, जो कठिन परिस्थितियों में हमेशा उनके साथ खड़े रहे।हेमंत सोरेन ने कहा कि सुदिव्य कुमार सोनू का जाना उनके जीवन में ऐसी कमी छोड़ गया है, जिसे शब्दों में व्यक्त करना मुश्किल है। उन्होंने दिवंगत नेता को भावुक श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि वह उन्हें हमेशा याद करेंगे।