जगदलपुर। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने जगदलपुर में मध्य क्षेत्रीय परिषद की बड़ी बैठक के बाद संबोधित किया। अमित शाह ने कहा कि बस्तर बदलने का मास्टर प्लान हम तय कर चुके हैं और वह यह है कि हम बस्तर में डेयरी क्रांति की शुरुआत करेंगे। इसके लिए हर आदिवासी परिवार को एक गाय और एक भैंस दी जाएगी। इसके अलावा बस्तर के आदिवासी युवाओं और ग्रामीणों को उनकी योग्यता के अनुरूप स्कील्ड बनाया जाएगा। शाह ने कहा कि हम बस्तर में सहकारिता आधारित विकास की नींव रखेंगे। शाह ने यह भी कहा कि बस्तर के विकास में सेवा डेरा की भी अहम भूमिका होगी। पहले चरण में हम सुरक्षा बलों के 70 कैंप को सेवा डेरा बनाने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि 2031 तक देश का सबसे विकसित संभाग हम बस्तर को बनाकर दिखाएंगे। शाह ने कहा कि हिंसा की वजह से बस्तर विकास की रेस में पिछड़ रहा और जिन्होंने ऐसा किया वे फिर से भेष बदलकर और नाम बदलकर आएंगे, ऐसे लोग जब आएं तो यहां की जनता ऐसे लोगों पर विश्वास ना करे। भरोसा सिर्फ राज्य और केंद्र की सरकार पर ही हो क्योंकि विकास और बदलाव हम ही लेकर आएंगे।
कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ को नक्सल मुक्त नहीं होने दिया
अमित शाह ने पत्रवार्ता की शुरुआत ही एक बड़े आरोप के साथ की। उन्होंने कहा कि हम केंद्र में तो थे लेकिन राज्य में हमारी सरकार 13 दिसंबर 2023 को बनी इसके बाद ही नक्सल मुक्त अभियान असल मायने में शुरू हो पाया। शाह ने कहा कि कांगे्स ने छत्तीसगढ़ को नक्सलमुक्त बनाने में हमारा सहयोग नहीं किया। प्रदेश में भाजपा सरकार आने के बाद नक्सल ऑपरेशन मिशन मोड में आगे बढ़ पाए और डेढ़ साल की तय डेडलाइन में हमने बस्तर और समूचे देश को नक्सल मुक्त बना दिया।
बस्तर में प्रति व्यक्ति आय 6 गुना तक बढ़ाएंगे
अमित शाह ने एक सवाल के जवाब में कहा कि बस्तर नक्सलवाद की वजह से देश के बाकी हिस्सों से विकास के मामले में 40 साल पीछे है। हम एक ऐसे वैज्ञानिक आधार के साथ बस्तर का विकास करने जा रहे हैं जिसके बाद बस्तर में प्रति व्यक्ति आय 6 गुना तक बढ़ जाएगी। ग्रामीणों को सशक्त बनाएंगे, इरिगेशन और रेलवे के बड़े प्रोजेक्ट्स पर पहले ही काम चल रहा है। बस्तर डेवलपमेंट के पहले चरण के बाद बड़े बदलाव नजर आएंगे।

