खरगोन।मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के आदिवासी बहुल भगवानपुरा क्षेत्र से मानसून की शुरुआत के साथ बेहद चिंताजनक तस्वीरें सामने आई हैं। लगातार हो रही बारिश के कारण कुंदा नदी समेत कई नदी नाले उफान पर हैं। इसके बावजूद ग्रामीण और स्कूली बच्चे अपनी जान जोखिम में डालकर पुल और रपटे पार करने को मजबूर हैं। कई वीडियो सामने आने के बाद इलाके की सुरक्षा व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं पर सवाल उठने लगे हैं।
उफनती नदी पार कर स्कूल पहुंच रहे मासूम
भगवानपुरा क्षेत्र के कई गांवों में बारिश के बाद हालात बेहद मुश्किल हो गए हैं। स्कूल जाने वाले बच्चों को रोजाना तेज बहाव वाले नदी नालों को पार करना पड़ रहा है। जान का खतरा होने के बावजूद उनके पास कोई दूसरा रास्ता नहीं है।
पीपलझोपा क्षेत्र के राजमोहली गांव का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें परिजन छोटे बच्चों का हाथ पकड़कर तेज बहाव वाली नदी पार कराते दिखाई दे रहे हैं। यह दृश्य इलाके की गंभीर स्थिति को साफ बयां करता है।
बैलगाड़ी और कंधों के सहारे पार हो रही पुलिया
काबरी-सागमली मार्ग से भी ऐसी तस्वीरें सामने आई हैं, जहां लोग बैलगाड़ी और बच्चों को कंधों पर बैठाकर पानी से डूबी पुलिया पार कर रहे हैं। बारिश के मौसम में यह रास्ता पूरी तरह जोखिम भरा बन गया है, फिर भी ग्रामीण मजबूरी में इसी मार्ग का उपयोग कर रहे हैं।
यात्रियों से भरी बस भी उतरी उफनते रपटे में
एक और वीडियो में यात्रियों से भरी बस का चालक रपटे पर पानी बहने के बावजूद बस को पार कराता नजर आया। बस में सवार लोगों की सुरक्षा को नजरअंदाज कर लिया गया। इस घटना ने प्रशासन की निगरानी और यातायात सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रशासन की चेतावनी, लेकिन गांवों तक नहीं पहुंच रही जानकारी
बारिश के दौरान पुल और पुलिया पर पानी होने की स्थिति में आवागमन नहीं करने की अपील प्रशासन लगातार कर रहा है। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि दूरदराज के कई गांवों में आज भी मोबाइल नेटवर्क और सोशल मीडिया जैसी सुविधाएं प्रभावी रूप से उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में सरकारी चेतावनियां उन तक समय पर नहीं पहुंच पातीं।
स्थायी समाधान की मांग कर रहे ग्रामीण
ग्रामीणों का कहना है कि हर वर्ष बारिश के मौसम में यही हालात बनते हैं। वैकल्पिक मार्ग या सुरक्षित पुल नहीं होने के कारण उन्हें जान जोखिम में डालकर नदी नाले पार करने पड़ते हैं। लोगों ने प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग करते हुए सुरक्षित पुल और बेहतर संपर्क मार्ग बनाने की अपील की है, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।

