छत्तीसगढ़ में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। लगातार हो रही बारिश को देखते हुए मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों के लिए भारी वर्षा और आकाशीय बिजली का येलो अलर्ट जारी किया है। शुक्रवार सुबह से ही अधिकांश इलाकों में घने बादल छाए रहे और कई स्थानों पर रुक-रुककर बारिश का दौर जारी रहा। अगले 24 से 48 घंटे तक प्रदेश में मौसम इसी तरह बने रहने की संभावना है।
बारिश के साथ उमस भी करेगी परेशान
मौसम विभाग के अनुसार आज प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान 31 से 32 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। हालांकि हवा में 80 से 90 प्रतिशत तक नमी रहने के कारण लोगों को उमस का भी सामना करना पड़ सकता है। बारिश के बावजूद चिपचिपी गर्मी से पूरी तरह राहत मिलने के आसार कम हैं।
रायपुर और बिलासपुर में दिनभर बरसेंगे बादल
राजधानी रायपुर में पूरे दिन बादलों का डेरा रहेगा और बीच-बीच में मध्यम बारिश होने की संभावना है। यहां अधिकतम तापमान 27 से 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 26 डिग्री रहने का अनुमान है। पश्चिमी दिशा से करीब 16 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, लेकिन अधिक नमी के कारण उमस बनी रहेगी।
बिलासपुर में भी मौसम का मिजाज बदला रहेगा। शहर में गरज-चमक के साथ तेज बारिश होने की संभावना है। यहां अधिकतम तापमान 29 से 33 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है, जबकि नमी 85 से 88 प्रतिशत तक पहुंचने की संभावना है।
दुर्ग और बस्तर में बारिश का असर ज्यादा
दुर्ग जिले में दिनभर बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। दोपहर बाद या शाम के समय तेज हवा के साथ बारिश होने के आसार हैं। वहीं बस्तर संभाग में मानसून सबसे ज्यादा सक्रिय रहने की संभावना है। यहां कई दौर की बारिश हो सकती है और वर्षा की संभावना 90 प्रतिशत से अधिक बताई गई है। बारिश के चलते तापमान 27 से 31 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने से लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी।
सरगुजा संभाग के लिए विशेष सतर्कता
अंबिकापुर, सूरजपुर, बलरामपुर सहित सरगुजा संभाग के कई जिलों में दोपहर बाद तेज बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। यहां अधिकतम तापमान 30 से 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 से 25 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है। रात के समय मौसम अपेक्षाकृत ठंडा रहेगा।
मौसम विभाग की सलाह
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि बारिश, तेज आंधी और बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचें। आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें और मौसम संबंधी ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखें।

