रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राज्य स्तरीय सहकारी सम्मेलन में शामिल होकर सहकारिता को ग्रामीण विकास और आर्थिक मजबूती की रीढ़ बताया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि समृद्ध किसान, सशक्त ग्रामीण अर्थव्यवस्था और विकसित छत्तीसगढ़ का मार्ग मजबूत सहकारिता व्यवस्था से होकर गुजरता है।
सहकारिता सप्ताह के मौके पर बड़ा आयोजन, कई वर्गों का हुआ सम्मान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सहकारिता मंत्रालय की स्थापना के पांच वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में मनाए जा रहे ‘सहकारी सप्ताह’ के तहत रायपुर में यह राज्य स्तरीय सम्मेलन आयोजित किया गया।इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सहकार प्रेरणा पुरस्कार विजेताओं, तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों तथा वनधन समितियों से जुड़ी महिला स्व सहायता समूहों को सम्मानित किया और उनके कार्यों की सराहना की।
‘सहकार से समृद्धि’ का मंत्र बना ग्रामीण अर्थव्यवस्था की नींव
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि सहकारिता के माध्यम से किसानों, पशुपालकों, मछुआरों, बुनकरों और लघु वनोपज संग्राहकों को न सिर्फ आय के नए अवसर मिल रहे हैं, बल्कि आत्मनिर्भरता की दिशा में भी मजबूत आधार तैयार हो रहा है।उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के सहकारिता मंत्रालय के बाद इस क्षेत्र में नई ऊर्जा और व्यापक बदलाव देखने को मिल रहा है।इस कार्यक्रम में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री Amit Shah के नेतृत्व में चल रही ‘सहकार से समृद्धि’ पहल को ग्रामीण विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया गया।
ग्रामीण विकास पर सरकार का फोकस, सहकारिता को बताया मजबूत धुरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सहकारिता को ग्रामीण विकास की मजबूत धुरी मानकर काम कर रही है। सरकार का लक्ष्य समृद्ध किसान, सशक्त गांव और विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण करना है।उन्होंने यह भी कहा कि सहकारी संस्थाओं और महिला स्व सहायता समूहों की भूमिका आने वाले समय में और अधिक महत्वपूर्ण होने वाली है।
रायपुर सम्मेलन में दिखा सहकारिता का बड़ा मॉडल
यह राज्य स्तरीय सम्मेलन न केवल नीतिगत दिशा तय करने का मंच बना, बल्कि इसमें जमीनी स्तर पर काम कर रहे सहकारी संगठनों और ग्रामीण समूहों को भी सम्मानित कर उनका उत्साह बढ़ाया गया।

