रायपुर। राजधानी रायपुर के भाठागांव क्षेत्र में सरकारी भूमि से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि वर्षों से राजस्व रिकॉर्ड में सड़क के रूप में दर्ज शासकीय भूमि का एक हिस्सा अब कथित रूप से निजी व्यक्ति के नाम पर दर्ज हो गया है। मामले को लेकर कलेक्टर से विस्तृत जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की गई है।
1978 से सड़क के रूप में दर्ज थी जमीन
शिकायतकर्ता बलबीर सिंह के अनुसार, ग्राम भाठागांव स्थित खसरा क्रमांक 639/11 वर्ष 1978 से लेकर अब तक राजस्व अभिलेखों में शासकीय सड़क के रूप में दर्ज रहा है। उनका कहना है कि यह सार्वजनिक उपयोग की भूमि है, जिस पर किसी निजी व्यक्ति का स्वामित्व दर्ज नहीं किया जा सकता।
ऑनलाइन रिकॉर्ड में निजी नाम दर्ज होने का आरोप
शिकायत में कहा गया है कि वर्तमान ऑनलाइन राजस्व रिकॉर्ड में इसी खसरा नंबर की करीब 10 हजार वर्गफुट भूमि अश्विनी अग्रवाल के नाम पर दर्ज दिखाई दे रही है। शिकायतकर्ता ने इसे गंभीर अनियमितता बताते हुए आशंका जताई है कि राजस्व अभिलेखों में हेराफेरी या नियमों के विपरीत नामांतरण किया गया हो सकता है।
उच्च स्तरीय जांच की उठाई मांग
कलेक्टर को दिए गए आवेदन में पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की गई है। शिकायतकर्ता का कहना है कि यह पता लगाया जाए कि शासकीय सड़क की भूमि किस प्रक्रिया और किन दस्तावेजों के आधार पर निजी व्यक्ति के नाम दर्ज हुई।
दोषियों पर कार्रवाई और रिकॉर्ड सुधारने की मांग
शिकायत में यह भी मांग की गई है कि यदि जांच में किसी अधिकारी, कर्मचारी या अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है, तो उनके खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही यदि नामांतरण अवैध पाया जाता है तो उसे तत्काल निरस्त कर भूमि को फिर से शासकीय सड़क के रूप में राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की अनियमितताओं की पुनरावृत्ति न हो।

