राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। तीनों आरोपियों से पूछताछ के दौरान कई अहम खुलासे हुए हैं। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर चोरी की रकम से खरीदी गई एक स्विफ्ट डिजायर कार, सोने के जेवर और 2 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। बरामद आभूषणों की अनुमानित कीमत करीब 10 लाख रुपये बताई जा रही है।
अनुकल्प मिश्रा की निशानदेही पर मिली कार
पुलिस ने आरोपी अनुकल्प मिश्रा, उसके जीजा लव कुश मिश्रा और करुणेश पांडे को पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया था। पूछताछ के दौरान अनुकल्प मिश्रा की निशानदेही पर उसके पैतृक गांव से एक स्विफ्ट डिजायर कार बरामद की गई। जांच में सामने आया कि कार उसके पिता रविंद्र कुमार के नाम पर पंजीकृत है। यह वाहन गोरखपुर से खरीदा गया था और इसका पंजीकरण अयोध्या में कराया गया था। पुलिस को आशंका है कि कार की खरीदारी चोरी के पैसों से की गई थी।
30 रिश्तेदारों के बैंक खातों की जांच
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के वित्तीय लेनदेन की भी पड़ताल की। पूछताछ में खुलासा हुआ कि चोरी की रकम पहले रिश्तेदारों और परिचितों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाती थी, जिसके बाद वह रकम वापस आरोपियों तक पहुंचती थी। इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने करीब 30 रिश्तेदारों और परिचितों के बैंक खातों को फ्रीज कर उनकी जांच शुरू कर दी है। जांच में कई खातों में सामान्य से अधिक लेनदेन मिलने की बात सामने आई है।
फर्जी रसीदें भी बरामद
पुलिस को जांच के दौरान मंदिर के नाम पर तैयार की गई फर्जी रसीदें भी मिली हैं। इन दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इनका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जा रहा था और इस पूरे मामले में किन-किन लोगों की भूमिका रही है।
रिमांड पूरी होने से पहले भेजे गए जेल
तीनों आरोपियों की रिमांड अवधि गुरुवार रात समाप्त होने वाली थी। हालांकि आवश्यक पूछताछ और बरामदगी की कार्रवाई पूरी होने के बाद पुलिस ने निर्धारित समय से पहले ही तीनों आरोपियों को वापस जेल भेज दिया। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है।

