ईरान-अमेरिका तनाव ने फिर बढ़ाई कच्चे तेल की कीमत
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर साफ दिखाई दिया। अमेरिकी सेना की कार्रवाई और इसके बाद ईरान की ओर से जवाबी हमलों की खबरों ने आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ा दी। खास तौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़ा तनाव बाजार के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह वैश्विक तेल आपूर्ति का एक अहम समुद्री मार्ग है।तनाव बढ़ने के साथ निवेशकों की नजर संभावित आपूर्ति बाधित होने के जोखिम पर टिक गई है। इसी वजह से कच्चे तेल के दाम में तेजी दर्ज की गई।
ब्रेंट क्रूड 90 डॉलर के पार पहुंचा
अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड की कीमत 2.52 फीसदी बढ़कर 90.32 डॉलर प्रति बैरल हो गई। वहीं अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट यानी WTI क्रूड 2.41 फीसदी की तेजी के साथ 85.41 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता नजर आया।कच्चे तेल में यह तेजी ऐसे समय आई है जब अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव को लेकर बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है।
अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ा सैन्य तनाव
अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने लराक द्वीप पर ईरान के दो रॉकेट लॉन्चरों को निशाना बनाया। बताया गया कि इनसे होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री बारूदी सुरंगें बिछाने की कोशिश की जा रही थी।इसके बाद ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों किंग हुसैन और अल अजराक बेस को मिसाइल तथा ड्रोन से निशाना बनाया। दोनों देशों के बीच इस बढ़ते तनाव ने तेल बाजार की चिंता को और गहरा कर दिया है।
31 अगस्त को आपके शहर में पेट्रोल-डीजल का भाव
| शहर |
पेट्रोल रुपये प्रति लीटर |
डीजल रुपये प्रति लीटर |
| दिल्ली |
102.12 |
95.20 |
| मुंबई |
111.31 |
97.97 |
| कोलकाता |
113.51 |
99.82 |
| चेन्नई |
107.78 |
99.56 |
| हैदराबाद |
115.69 |
103.82 |
| पटना |
113.35 |
99.36 |
| वाराणसी |
107.40 |
90.10 |
| भुवनेश्वर |
103.19 |
100.68 |
| आगरा |
107.09 |
89.80 |
महीने के आखिरी दिन कीमतें स्थिर, लेकिन क्रूड पर नजर जरूरी
घरेलू स्तर पर 31 अगस्त को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बदलाव नहीं हुआ है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की तेजी और पश्चिम एशिया में जारी तनाव को देखते हुए आने वाले दिनों में तेल बाजार की दिशा पर नजर बनी रहेगी। भारत जैसे बड़े आयातक देश के लिए लंबे समय तक ऊंची क्रूड कीमतें लागत और ईंधन बाजार दोनों के लिहाज से महत्वपूर्ण साबित हो सकती हैं।