पखांजूर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में वन विभाग ने वन्यजीव तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को दो बाघों की खाल के साथ गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों को पखांजूर क्षेत्र के पीवी-78 (जनकपुर) चौक में घेराबंदी कर पकड़ा गया। बरामद बाघ की दोनों खालों की अनुमानित कीमत करीब 15 लाख रुपये बताई जा रही है।
देर रात की कार्रवाई में मिली सफलता
वन विभाग की पश्चिम बांदे परिक्षेत्र की टीम ने शुक्रवार देर रात करीब 11 बजे गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई की। तलाशी के दौरान आरोपियों के कब्जे से दो बाघों की खाल बरामद की गई। इसके बाद दोनों को मौके पर ही हिरासत में ले लिया गया।
महाराष्ट्र के गढ़चिरौली के रहने वाले हैं आरोपी
प्रारंभिक पूछताछ में गिरफ्तार दोनों आरोपी महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले के आहेरी थाना क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं। वन विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि यह खाल कहां से लाई गई और इसके पीछे किस तस्करी गिरोह का हाथ है।
रायपुर भेजे गए नमूने
बरामद बाघ की खाल को वैज्ञानिक परीक्षण और सत्यापन के लिए रायपुर भेजा गया है। जांच के बाद यह स्पष्ट होगा कि खाल कितनी पुरानी है और किस बाघ की है। आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
डोंगरगढ़ में पशु परिवहन के वायरल वीडियो से मचा विवाद
राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ ब्लॉक के बोरतलाव थाना क्षेत्र में पशुओं के कथित अवैध परिवहन से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद नया विवाद खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
भैंसों से भरे वाहन को ग्रामीणों ने रोका
बताया जा रहा है कि 10 जून 2026 को ग्राम अंडी में ग्रामीणों ने एक पिकअप वाहन को रोका था, जिसमें तीन भैंसें लदी थीं। ग्रामीणों का आरोप है कि चालक के पास पशुओं के परिवहन से संबंधित आवश्यक दस्तावेज नहीं थे। पूछताछ के दौरान चालक ने कथित रूप से कई जानकारियां साझा कीं, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
वीडियो में नाम आने के बाद दर्ज कराई शिकायत
वायरल वीडियो में नाम आने के बाद मनोज श्रीवास्तव उर्फ बबलू श्रीवास्तव ने बोरतलाव थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में एक लाख रुपये के लेनदेन और बाद में वाहन खाली मिलने जैसे आरोपों का भी उल्लेख किया गया है।
ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच की उठाई मांग
ग्राम अंडी के ग्रामीण बड़ी संख्या में बोरतलाव थाना पहुंचे और थाना प्रभारी के नाम ज्ञापन सौंपा। उन्होंने वाहन के स्वामित्व, चालक की भूमिका, वायरल वीडियो में सामने आए तथ्यों और कथित पशु परिवहन नेटवर्क की निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही आरोप सही पाए जाने पर संबंधित कानूनों के तहत सख्त कार्रवाई करने की मांग भी की है।
जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई
पुलिस का कहना है कि शिकायत और वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

