भिलाई : स्टील प्लांट में करोड़ों रुपये के लौह स्क्रैप चोरी मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बीएसपी के दो अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। भिलाई-3 थाना पुलिस ने एसएमएस-3 विभाग में पदस्थ महाप्रबंधक हिमांशु भूषण मलिक और इंजीनियरिंग एसोसिएट मनोज देवांगन को पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया। पुलिस जांच में दोनों की कथित संलिप्तता सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई है।
250 टन लौह स्क्रैप हुआ था जब्त
यह मामला 26 मई को सामने आया था, जब पुलिस ने अकलोरडीह स्थित एके ट्रेडर्स के स्क्रैप यार्ड में छापेमारी की थी। कार्रवाई के दौरान करीब 250 टन लौह प्लेट, बीम और अन्य स्क्रैप सामग्री बरामद की गई थी। जब्त सामग्री की अनुमानित कीमत लगभग 3 करोड़ 22 लाख रुपये आंकी गई है।
फ्लाई एश की आड़ में बाहर भेजा जाता था स्क्रैप
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि फ्लाई एश के परिवहन का इस्तेमाल स्क्रैप चोरी को अंजाम देने के लिए किया जा रहा था। ट्रकों के निचले हिस्से में स्टील प्लेट, बीम और अन्य लौह सामग्री छिपाकर रखी जाती थी, जबकि ऊपर फ्लाई एश लोड रहती थी। इस तरीके से स्क्रैप को प्लांट से बाहर निकाला जाता था, ताकि किसी को संदेह न हो।
30 से 40 बार अपनाया गया यही तरीका
पूछताछ के दौरान गिरफ्तार वाहन चालकों ने बताया कि इसी तरीके से 30 से 40 बार स्क्रैप बाहर पहुंचाया गया। जांच में यह भी सामने आया कि ट्रकों में विशेष छिपे हुए खांचे बनाए गए थे। कई बार वजन संतुलित दिखाने के लिए अतिरिक्त पहिए तक निकाल दिए जाते थे, जिससे सुरक्षा जांच के दौरान किसी प्रकार का संदेह नहीं हो।
अब तक 15 आरोपी गिरफ्तार
इस बहुचर्चित मामले में पुलिस अब तक मुख्य आरोपी संजय सिंह समेत कुल 15 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। जांच के दौरान मिले तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर बीएसपी के दोनों अधिकारियों की गिरफ्तारी की गई है।
चार आरोपी अभी भी फरार
पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस संगठित स्क्रैप चोरी गिरोह से जुड़े चार अन्य आरोपी अब भी फरार हैं। उनकी तलाश के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।

