रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष एवं राजनांदगांव विधायक डॉ. रमन सिंह ने राजनांदगांव जिले के बरगा, आलीवारा और मुसरा के पास बने रेलवे ओवरब्रिजों में दरारें आने के मामले को गंभीरता से उठाया है। उन्होंने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर पूरे मामले की उच्च स्तरीय तकनीकी जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारियों व निर्माण एजेंसियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
लोकार्पण के कुछ दिनों बाद ही सामने आईं दरारें
डॉ. रमन सिंह ने अपने पत्र में बताया कि दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर जोन के नागपुर मंडल अंतर्गत डोंगरगढ़-राजनांदगांव रेलखंड पर प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना के तहत करीब 26 करोड़ रुपये की लागत से इन रेलवे ओवरब्रिजों का निर्माण कराया गया था। इनका लोकार्पण जून 2026 में किया गया था।
उन्होंने कहा कि 4 और 5 जुलाई को हुई भारी बारिश के बाद पुलों में करीब 60 से 70 फीट लंबी और 15 से 20 सेंटीमीटर चौड़ी दरारें दिखाई देने लगीं, जिससे निर्माण गुणवत्ता और संरचनात्मक मजबूती को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
निर्माण एजेंसी और अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने की मांग
विधानसभा अध्यक्ष ने रेल मंत्री से आग्रह किया है कि पूरे मामले की स्वतंत्र और उच्च स्तरीय तकनीकी जांच कराई जाए। साथ ही निर्माण एजेंसी, ठेकेदार, परामर्शदाता और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
जन सुरक्षा को प्राथमिकता देने का आग्रह
डॉ. रमन सिंह ने अपने पत्र में यह भी कहा कि रेलवे ओवरब्रिजों का तत्काल विस्तृत सुरक्षा परीक्षण कराया जाए। यदि जांच में किसी प्रकार की तकनीकी खामी सामने आती है तो आवश्यक मरम्मत और सुधार कार्य शीघ्र कराया जाए, ताकि भविष्य में किसी संभावित दुर्घटना से बचा जा सके और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो।

