रायपुर। चिंतन शिविर 3.0 के दूसरे दिन की शुरुआत सकारात्मक ऊर्जा और स्वास्थ्य के संदेश के साथ हुई। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) नवा रायपुर के स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित विशेष योग सत्र में मंत्रिमंडल के सदस्यों के साथ योगासन और प्राणायाम किया। इस दौरान उन्होंने योग को स्वस्थ जीवन, मानसिक संतुलन और प्रभावी नेतृत्व का आधार बताया।
योग भारत की अमूल्य सांस्कृतिक विरासत
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि योग भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा की अमूल्य धरोहर है। यह केवल शरीर को स्वस्थ रखने का माध्यम नहीं, बल्कि मन को शांत, जीवन को संतुलित और विचारों को सकारात्मक बनाने की शक्ति भी देता है। उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास व्यक्ति को प्रकृति के करीब लाता है और बेहतर जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाकर स्वस्थ और निरोग जीवन की दिशा में कदम बढ़ाएं।
स्वस्थ नेतृत्व से मजबूत होगा सुशासन
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी जनप्रतिनिधि और प्रशासक के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहना बेहद जरूरी है। इसी उद्देश्य से चिंतन शिविर के प्रत्येक दिन की शुरुआत योग से की जा रही है, ताकि सकारात्मक सोच, एकाग्रता और नई ऊर्जा के साथ राज्य के विकास से जुड़े विषयों पर गंभीर और प्रभावी मंथन किया जा सके।
योग से मिलेगा अनुशासन और सकारात्मक सोच को बल
मुख्यमंत्री ने कहा कि सामूहिक योगाभ्यास केवल स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अनुशासन, आत्मविश्वास और टीम भावना को भी मजबूत करता है। उन्होंने विश्वास जताया कि चिंतन शिविर 3.0 में योग की यह पहल स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के साथ राज्य के विकास के लिए बेहतर निर्णय लेने में भी सहायक सिद्ध होगी।
मंत्री और अधिकारी रहे मौजूद
योग सत्र में उपमुख्यमंत्री अरुण साव, वन मंत्री केदार कश्यप, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, खाद्य मंत्री दयालदास बघेल, उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव सहित आईआईएम नवा रायपुर के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। सभी ने योगाभ्यास कर स्वस्थ और संतुलित जीवन का संदेश दिया।

