पंचांग : आज 04 सितंबर, 2026 शुक्रवार, के दिन भाद्रपद महीने की कृष्ण पक्ष अष्ठमी तिथि है. इस तिथि पर भगवान शिव के एक स्वरूप कालभैरव का अधिकार है, जिन्हें समय का देवता भी कहा जाता है. यह तिथि किसी भी तरह के शुभ कार्यों, नई बातचीत और मेडिकल ट्रीटमेंट के लिए अच्छा नहीं है.
4 सितंबर का पंचांग :
- विक्रम संवत : 2083
- मास : भाद्रपद
- पक्ष : कृष्ण पक्ष अष्ठमी
- दिन : शुक्रवार
- तिथि : कृष्ण पक्ष अष्ठमी
- योग : हर्शन
- नक्षत्र : रोहिणी
- करण : बलव
- चंद्र राशि : वृषभ
- सूर्य राशि : सिंह
- सूर्योदय : 06:00:00 AM
- सूर्यास्त : 06:42:00 PM
- चंद्रोदय : 11:29 पी एम
- चंद्रास्त : 01:04 पी एम
- राहुकाल : 10:45 से 12:20
- यमगंड : 15:30 से 17:05
आज का नक्षत्र
आज के दिन चंद्रमा वृषभ राशि और रोहिणी नक्षत्र में रहेगा. रोहिणी को शुभ नक्षत्र माना जाता है. इस नक्षत्र का विस्तार वृषभ राशि में 10 से लेकर 23:20 डिग्री तक होता है. यह एक स्थिर प्रकृति का नक्षत्र है. इसके देवता ब्रह्मा और शासक ग्रह चंद्रमा है. कुआं खोदने, नींव या शहर बनाने, प्रायश्चित कर्मकांड, पौधरोपण, राज्याभिषेक, भूमि खरीदने, मेधावी कर्म करने, बीज बोने, देवताओं की स्थापना, मंदिर के निर्माण, स्थायी काम की इच्छा रखने वाली किसी भी कार्य के लिए यह नक्षत्र शुभ माना जाता है.
आज के दिन का वर्जित समय
आज के दिन 10:45 से 12:20 बजे तक राहुकाल रहेगा. ऐसे में कोई शुभ कार्य करना हो, तो इस अवधि से परहेज करना ही अच्छा रहेगा. इसी तरह यमगंड, गुलिक, दुमुहूर्त और वर्ज्यम से भी परहेज करना चाहिए.
