जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के नक्सलमुक्त होने के बाद पहली बार मंगलवार को बस्तर में मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने की। इसमें केंद्रीय गृहमंत्री ने आपराधिक मुकदमों को लेकर नया लक्ष्य तय किया है। उन्होंने कहा, जिस तरह से हमने देश को नक्सलवाद से मुक्त किया है, उसी तरह से 3 साल में हर आपराधिक मुकदमे को सुप्रीम कोर्ट तक अंजाम देने का लक्ष्य हमें 2029 से पहले पूरा करना है। उन्होंने यह भी कहा, अदालतों में लंबित पड़े पांच साल से अधिक पुराने मामलों के तेजी से निपटारे के लिए उच्च न्यायालयों को विशेष अदालतें गठित करनी चाहिए। बैठक में छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णु देव साय, मध्य प्रदेश के सीएम डॉ. मोहन यादव, उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ और उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी मौजूद रहे।
अभी लड़ाई नहीं हुई समाप्त
शाह ने कहा कि हमारी लड़ाई समाप्त नहीं हुई है क्योंकि नक्सल प्रभावित क्षेत्र लगभग पांच दशक से विकास की दौड़ में पिछड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि जब तक इन क्षेत्रों को विकास के मामले में देश के बाकी क्षेत्रों के समकक्ष नहीं ले आते, तब तक हमारी लड़ाई समाप्त नहीं होगी। केन्द्रीय गृह मंत्री ने पूरे देश के नक्सल मुक्त होने के अवसर पर देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का हार्दिक अभिनंदन किया।
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शाह ने बैठक में कहीं खास बातें
– केन्द्रीय गृह मंत्री ने सभी मुख्यमंत्रियों एवं मुख्य सचिवों से कुपोषण के विरुद्ध भारत सरकार की लड़ाई में कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ने का आह्वान किया।
– स्कूल ड्रॉपआउट दर में कमी, स्कूलों की गुणवत्ता में सुधार, मिलावटखोरी पर रोक तथा पास्को एवं बलात्कार के मामलों में शत-प्रतिशत दोषसिद्धि दर तय की जाए।
– चारों राज्य केन्द्रीय गृह मंत्रालय के प्रारूप के अनुरूप 1930 साइबर सुरक्षा हेल्पलाइन के कॉल सेंटर को अपडेट करें।

