Ayodhya Ram Mandir Donation Theft Case: अयोध्या के राम मंदिर में हुई कथित चंदा चोरी का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है. इसमें हर रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं. इन तमाम आरोपों के बीच ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा से पूछताछ हो चुकी हैं. चंपत राय और अनिल मिश्रा ने अपने-अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. इन सब के बाद भी अभी दोनों ही पद पर बने हुए हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि हटाने या हटने के लिए भी दो-तिहाई बहुमत की जरूरत है.
राम मंदिर में हुई चंदा चोरी को लेकर तमाम आरोप लग रहे हैं. कहा यह भी जा रहा है कि यह सब चंपत राय और अनिल मिश्रा की देखरेख में हो रहा था. यही वजह है कि सबसे ज्यादा सवाल उनकी भूमिका को लेकर ही उठाए जा रहे हैं. इस्तीफे के बाद अब 6 जुलाई को राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक हो सकती है. ऐसा कहा जा रहा है कि इसी बैठक में चंदा चोरी को लेकर बातचीत होगी और इस्तीफा स्वीकार करने पर विचार भी किया जाएगा.
देशभर की निगाहें इस बैठक पर टिकी हुई हैं. सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस बैठक में चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा स्वीकार किया जाएगा या फिर वे अपने पद पर बने रहेंगे?
कैसे होगा इस्तीफा स्वीकार
राम मंदिर का पूरा संचालन ट्रस्ट करता है. मतलब यह कि हर छोटा बड़ा फैसला ट्रस्ट ही लेता है. इसके लिए बाकायदा बैठक होती है. ऐसे में दोनों का इस्तीफा स्वीकार करने के लिए दो तिहाई बहुमत की जरूरत है. मतलब यह कि अगर कुल सदस्यों में से दो तिहाई लोग इस्तीफा स्वीकार करने के पक्ष में रहते हैं तो इस्तीफा स्वीकार हो जाएगा. इसके लिए वोटिंग भी कराई जाएगी. अगर दो तिहाई लोग नहीं होंगे तो चंपत और अनिल मिश्रा अपने पद पर बने रहेंगे.
पद जाने के बाद क्या होगा?
अगर चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा स्वीकार कर लिया जाता है. तो वे इसके बाद भी ट्रस्ट के सदस्य बने रहेंगे श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट बायलॉज में केवल पद और दायित्व से मुक्त करने का प्रावधान है. यही व्यवस्था ट्रस्ट के अन्य पदाधिकारियों पर भी होती है.
श्री राम मंदिर ट्रस्ट के 14 सदस्यों में से दो सदस्य इस्तीफा दे चुके हैं. ऐसे में 6 जुलाई को होने वाली बैठक में ट्रस्ट के 12 सदस्यों की राय ली जाएगी. ट्रस्ट की इससे पहले बैठक रामलला की मूर्ति के चयन के समय हुई थी, जिसमें मूर्ति के चयन के लिए ट्रस्ट ने बकायदा मतदान कराया था, जिसमें दो-तिहाई बहुमत से मूर्तिकार अरुण योगीराज की प्रतिमा का चयन हुआ था.

