रायपुर। महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने जांच को आगे बढ़ाते हुए अदालत में पांच अलग-अलग चार्जशीट दाखिल की हैं। कार्रवाई के तहत भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में छह आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र पेश किया गया है, जबकि अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क से जुड़े प्रकरण में 66 आरोपियों को आरोपी बनाया गया है।
भ्रष्टाचार और आपराधिक साजिश के आरोप
CBI के अनुसार भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में असीम दास, रोहित गुलाटी, विकास छपरिया, अनिल धम्मानी, विशाल आहूजा और धीरज आहूजा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम तथा भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इन पर धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश जैसे आरोप लगाए गए हैं।
जांच एजेंसी ने महादेव ऐप के प्रमुख संचालकों सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल सहित पहले से आरोपित अन्य व्यक्तियों के खिलाफ भी अदालत में नए साक्ष्य प्रस्तुत किए हैं।
अवैध सट्टेबाजी नेटवर्क पर शिकंजा
CBI ने महादेव बेटिंग ऐप से जुड़े दूसरे मामले में कुल 66 आरोपियों के खिलाफ पांच चार्जशीट दाखिल की हैं। इनमें सौरभ चंद्राकर, रवि उप्पल और सट्टेबाजी सिंडिकेट से जुड़े कई पैनल संचालकों के नाम शामिल हैं। एजेंसी का आरोप है कि ये लोग अवैध ऑनलाइन बेटिंग नेटवर्क का संचालन और उससे जुड़े वित्तीय लेनदेन का प्रबंधन करते थे। इनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता और छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध कानून के तहत कार्रवाई की गई है।
विदेश से संचालित होता था नेटवर्क
जांच में सामने आया है कि महादेव बेटिंग ऐप देश के सबसे बड़े अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क में शामिल रहा है, जिसका संचालन भारत के बाहर से किया जाता था। CBI के मुताबिक, सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल ने सोशल मीडिया और डिजिटल माध्यमों के जरिए इस नेटवर्क का विस्तार किया और देशभर में बड़ी संख्या में लोगों को इससे जोड़ा।
मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए विदेश भेजी जाती थी रकम
जांच एजेंसी का दावा है कि सट्टेबाजी से अर्जित धन को विभिन्न ‘म्यूल अकाउंट्स’ के माध्यम से एक स्थान से दूसरे स्थान पर स्थानांतरित किया जाता था और बाद में मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए विदेश भेजा जाता था। इस पूरी प्रक्रिया का उपयोग अवैध कमाई को छिपाने और नेटवर्क को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए किया जाता था।
सरकारी अधिकारियों को संरक्षण राशि देने का भी आरोप
CBI ने अपनी जांच में यह भी दावा किया है कि अपराध से अर्जित धन का एक हिस्सा कथित तौर पर कुछ सरकारी अधिकारियों को ‘प्रोटेक्शन मनी’ के रूप में दिया जाता था। एजेंसी के अनुसार महादेव ऐप के प्रमोटर और उनके कई सहयोगी कुछ वर्ष पहले पश्चिम एशिया के देशों में चले गए थे और वहीं से पूरे नेटवर्क का संचालन कर रहे थे।
विदेश में छिपे आरोपियों पर रेड कॉर्नर नोटिस
CBI ने बताया कि विदेश में मौजूद चार प्रमुख आरोपियों के खिलाफ पहले ही रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया जा चुका है। इसके साथ ही उन्हें भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित कराने की कानूनी प्रक्रिया भी जारी है।
जांच अभी जारी, और भी चार्जशीट संभव
जांच एजेंसी का कहना है कि महादेव बेटिंग ऐप से जुड़े पूरे नेटवर्क, उसे मिले कथित संरक्षण और इसमें शामिल अन्य व्यक्तियों की भूमिका की जांच अभी जारी है। CBI ने संकेत दिए हैं कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और भी चार्जशीट अदालत में पेश की जा सकती हैं।

