केशकाल। बस्तर अंचल के तेंदूपत्ता संग्राहकों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक और महत्वपूर्ण पहल की है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जिला वनोपज सहकारी यूनियन मर्यादित, केशकाल ने वर्ष 2023 के तेंदूपत्ता संग्रहण सीजन के संग्राहकों को प्रोत्साहन पारिश्रमिक राशि का वितरण शुरू कर दिया है। इसके तहत 2803 संग्राहकों के बैंक खातों में कुल 40 लाख 39 हजार 891 रुपये ऑनलाइन हस्तांतरित किए जा रहे हैं।
ऑनलाइन सिस्टम से सीधे बैंक खातों में पहुंच रही राशि
जिला वनोपज सहकारी यूनियन के प्रबंध संचालक ने बताया कि केशकाल वनमंडल के अंतर्गत आने वाली प्राथमिक लघु वनोपज सहकारी समितियों केशकाल और खालेमुरवेंड के संग्राहकों को ऑनलाइन एमएफपी कलेक्शन एंड पेमेंट सिस्टम के जरिए सीधे बैंक खातों में भुगतान किया जा रहा है।
इसके अलावा समिति केशकाल के तहत संचालित 31 तेंदूपत्ता फड़ों से जुड़े संग्राहकों के खातों में भी प्रोत्साहन राशि जमा की गई है। इस डिजिटल व्यवस्था से भुगतान प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, सरल और समयबद्ध हुई है।
मेहनत का समय पर मिल रहा पारिश्रमिक
वन मंत्री केदार कश्यप की मंशा के अनुरूप राज्य सरकार तेंदूपत्ता संग्राहकों और वनाश्रित परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी उद्देश्य से प्रोत्साहन राशि सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों में भेजी जा रही है, जिससे उन्हें बिना किसी देरी के उनकी मेहनत का उचित पारिश्रमिक मिल सके।
वनाश्रित परिवारों की आजीविका को मिलेगा सहारा
केशकाल वनमंडलाधिकारी दिव्या गौतम ने कहा कि तेंदूपत्ता संग्राहकों को समय पर भुगतान उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि सीधे बैंक खातों में राशि भेजने की व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ी है और इसका लाभ सीधे वनाश्रित परिवारों तक पहुंच रहा है। इससे ग्रामीण और वन क्षेत्रों में रहने वाले हजारों परिवारों की आजीविका को मजबूती मिलेगी।

